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| भाकपा माले ने केंद्र व प्रदेश के खिलाफ किया सड़कों पर प्रर्दशन |
क्रासर- केन्द्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को किया उजागर
उरई (जालौन)।मुख्यालय पर राठ रोड उरई मजदूर अड्डा सेग्रामीण भारत बंद राष्ट्रीय आवाहन पर ऑल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियंस एक्टू किसान महासभा उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियनपल्लेदार मजदूर यूनियन ड्राइवर ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त बैनर तले मजदूर किसान मार्च का नेतृत्व किसान महासभा नेता का. राजीव कुशवाहा मजदूर नेता का. राम सिंह चौधरी आदि के नेतृत्व में मार्च उरई की सड़कों पर नारे लगाते हुए आगे बढ़ा मजदूर विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी जब हिटलर शाही नहीं चली तो मोदी सही नहीं चलेगी माले विधायक मनोज मंजिल सहित निर्दोषों को रिहा करो रहा करो कामरेड रामकिशोर वर्मा पर लगे मुकदमे वापस लो वापस लो 44 श्रम कानून लागू करना होगा करना होगा फर्जी एनकाउंटर राज नहीं चलेगा नहीं चलेगा खूनी बुलडोजर बंद करो बंद करो जैसे जोरदार नारे लगाते हुए जुलूस घंटा घर से लेकर शहीद ए आजम भगत सिंह चौराहा होता हुआ अंबेडकर चौराहे के बाद जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर एक सभा में परिवर्तित हो गया।
इस मौके पर प्रर्दशन को सम्बोधित ऑल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियंस एक्टूके राष्ट्रीय पार्षद जिला अध्यक्ष का. राम सिंह चौधरी ने कहा कि आज यह सरकार हिंदुस्तान के तख्त ताज पर जब से आसीन हुई है इस तानाशाही हुकूमत ने इस देश में तबाही और बर्बादी लादी है जुल्म ज्यासती बेहिसाब इंतहा कर दी है आखिर 14 के बाद से मोदी सरकार ने पूरे देश के अंदर नफरती माहौल फैला कर अदानी और अंबानी के हिसाब से इस देश में कॉर्पोरेट परस्त सांप्रदायिक फासीवाद हिटलरी निजाम के रास्ते पर चलकर देश की जम्हूरियत उसकी गंगा जमुनी विरासत को नेस्तनाबूत ही नहीं किया बल्कि एक ऐसा रास्ता अख्तियारकिया है जिसमें देश की जनता को खौफ जदा करने के लिए दहशत का माहौल बनाकर फर्जी एनकाउंटर बेगुनाहों के कत्लोंके जरिए हिंदुस्तान की जम्हूरियत को खत्म कर मजदूरों के लिए चार श्रम कोड लाकर इस देश के मेहनतकश आवाम को हासिए पर धकेल कर उनको गुलामी का दस्तावेज के जरिए फिर से गुलाम बनाने का धन्ना सेठों पूंजी पतियों कॉरपोरेटों के लिए देश को लूटने की पूरा हक देकर दूसरी तरफ अपने खून पसीने से पूरे देश को खिलाने वाले किसान को जमी दोष करने के लिए उन परडोन के जरिए आंसू गैस के गोले और बॉर्डरों पर कीले गाडकर गोरी चमड़ी वाले अंग्रेजी हुकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से का. रामबाबू अहिरवार, का. शमशाद, का. शिवबालक बाथम, का. प्रताप जाटव, का. सुरेंद्र एडवोकेट जालौन, का. रामबाबू, निर्माण मजदूर नेता का.रामकुमार परसन, का. अशोक, का. सुरेश, जमुना देवी, गोविंदास सहित दर्जनों लोगों ने प्रर्दशन में हिस्सा लिया।
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